


Dr. Pavan Kakkar
BAMS, CCKS & Kshar Sutra Specialist

परंपरागत आयुर्वेद, समर्पित सेवा और स्वस्थ जीवन की ओर एक विश्वासपूर्ण कदम
हम वर्ष 2014 से आयुर्वेद आधारित चिकित्सकीय सेवाओं के माध्यम से रोगियों के स्वास्थ्य एवं जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कार्यरत हैं। प्रारंभ से ही हमारा मुख्य कार्यक्षेत्र परंपरागत आयुर्वेदिक क्षार-सूत्र चिकित्सा रहा है। हमारा उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों में इस प्राचीन एवं वैज्ञानिक आयुर्वेदिक पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। क्षार-सूत्र का निर्माण आयुर्वेदिक ग्रंथों, विशेषकर सुश्रुत संहिता में वर्णित सिद्धांतों तथा डॉ. पी. जे. देशपांडे द्वारा प्रतिपादित मानकों के अनुसार किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से गुदा मार्ग संबंधी रोगों जैसे अर्श (पाइल्स), भगन्दर (फिस्टुला) आदि के उपचार में किया जाता है।
अपने गुरुओं, माता-पिता के आशीर्वाद एवं भगवान धन्वंतरि के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए हमने केवल क्षार-सूत्र चिकित्सा के साथ अपने चिकित्सकीय कार्य का प्रारंभ किया था। समय के साथ रोगियों एवं समाज से प्राप्त विश्वास और समर्थन ने हमें अपनी सेवाओं का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।
धीरे-धीरे हमने चिकित्सा अभ्यास का दायरा बढ़ाते हुए त्वचा रोगों (Skin Diseases) के उपचार हेतु जलौका चिकित्सा (Leech Therapy) को शामिल किया, जिसमें हमें उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। इसके बाद हमने अस्थि एवं संधिगत रोगों (Bone & Joint Disorders) के क्षेत्र में अग्निकर्म एवं विद्धकर्म चिकित्सा को भी अपनी सेवाओं में सम्मिलित किया।
डॉ. पवन कक्कड़ के नेतृत्व में, कक्कड़ आयुर्वेदिक हॉस्पिटल का उद्देश्य केवल रोगों के लक्षणों का उपचार करना नहीं है, बल्कि आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों के अनुसार शरीर, मन और जीवनशैली के संतुलन को पुनर्स्थापित कर समग्र स्वास्थ्य की दिशा में कार्य करना है। हम पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान एवं व्यवस्थित चिकित्सकीय परामर्श को जोड़ते हुए प्रत्येक रोगी के लिए व्यक्तिगत एवं प्रभावी उपचार प्रदान करने का प्रयास करते हैं।
हमारे अस्पताल में प्रत्येक रोगी की स्वास्थ्य स्थिति, जीवनशैली एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझकर उसके अनुसार उपचार योजना तैयार की जाती है, जिससे बेहतर परिणाम एवं दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित किए जा सकें।
हमारी प्रमुख सेवाएँ: आयुर्वेदिक परामर्श, व्यक्तिगत उपचार योजना, पंचकर्म चिकित्सा, जानु बस्ती, कटि बस्ती, बस्ति कर्म, अग्नि कर्म, विद्ध कर्म, परंपरागत आयुर्वेदिक क्षार-सूत्र चिकित्सा, जलौका चिकित्सा (Leech Therapy), हिजामा (Wet Cupping), स्वर्णप्राशन, अन्य आयुर्वेदिक उपचार एवं प्रक्रियाएँ।
कक्कड़ आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में बवासीर (पाइल्स), भगन्दर (फिस्टुला), फिशर, पाचन संबंधी समस्याओं, जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों तथा शरीर के विभिन्न रोगों के लिए आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से उपचार एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
हमारी टीम अपनी सेवाओं का निरंतर विस्तार एवं गुणवत्ता सुधार करने के लिए प्रयासरत है तथा आपके सुझावों और प्रतिक्रिया का सदैव स्वागत करती है।
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कक्कड़ आयुर्वेदिक हॉस्पिटल



परंपरागत क्षारसूत्र चिकित्सा


बवासीर (Hemorrhoids / Piles) गुदा क्षेत्र की सूजी हुई नसों की समस्या है, जिससे दर्द, जलन, रक्तस्राव और बैठने में असुविधा हो सकती है। आयुर्वेद में इसके लिए पारंपरिक उपचार पद्धतियाँ उपलब्ध हैं।

भगन्दर (Fistula)


भगन्दर (Fistula) एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा के आसपास एक असामान्य मार्ग बन जाता है, जिससे दर्द, सूजन, पस या बार-बार संक्रमण की समस्या हो सकती है। आयुर्वेद में क्षारसूत्र चिकित्सा को इसके पारंपरिक उपचारों में माना जाता है।

फिशर (Anal Fissure)


फिशर (Anal Fissure) गुदा की त्वचा में होने वाली छोटी दरार है, जिससे मल त्याग के समय तेज दर्द, जलन और कभी-कभी हल्का रक्तस्राव हो सकता है। आयुर्वेद में इसके लिए पारंपरिक उपचार पद्धतियाँ उपलब्ध हैं।

अग्निकर्म थेरेपी


पुराने दर्द, घुटनों की तकलीफ, मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से राहत के लिए आयुर्वेदिक उपचार पद्धति।
यह संधिगत वात, सूजन और दर्द से राहत में सहायक हो सकती है।

लीच थेरेपी


लीच थेरेपी एक प्राचीन आयुर्वेदिक पंचकर्म उपचार पद्धति है, जो शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने, सूजन और दर्द कम करने तथा घाव भरने में सहायक हो सकती है।
यह उपचार विशेषज्ञ की सलाह और देखरेख में किया जाना चाहिए।

कटि वस्ती


कटी वस्ती एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार है, जिसमें औषधीय तेल को कमर के क्षेत्र में विशेष विधि से रखा जाता है।
यह कमर दर्द, जकड़न, साइटिका और मांसपेशियों की थकान में राहत देने में सहायक हो सकता है।

कपिंग थेरेपी


कपिंग थेरेपी, जिसे हिजामा भी कहा जाता है, एक पारंपरिक उपचार पद्धति है जिसमें विशेष कपों की सहायता से शरीर के कुछ हिस्सों पर हल्का दबाव बनाया जाता है।
यह मांसपेशियों की जकड़न, थकान, दर्द और तनाव में राहत देने तथा रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है।

विद्ध कर्म थेरेपी


विद्ध कर्म थेरेपी आयुर्वेद की एक पारंपरिक उपचार पद्धति है, जिसमें शरीर के विशेष बिंदुओं पर बारीक सुइयों का प्रयोग किया जाता है।
यह दर्द, मांसपेशियों की जकड़न, नसों के दबाव, साइटिका, जोड़ों की परेशानी और सूजन में राहत देने में सहायक हो सकती है। उचित परिणामों के लिए यह उपचार प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख में कराया जाना चाहिए।



डॉ. पवन कक्कड़ एक प्रतिष्ठित आयुर्वेद चिकित्सक एवं एनोरेक्टल रोग विशेषज्ञ हैं, जो आयुर्वेद एवं क्षारसूत्र चिकित्सा के माध्यम से रोगियों को प्रभावी, सुरक्षित एवं दीर्घकालिक उपचार प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। उन्होंने अपनी स्नातक शिक्षा ऋषिकुल स्टेट आयुर्वेदिक पीजी कॉलेज, हरिद्वार से प्राप्त की। अपने व्यापक चिकित्सकीय अनुभव एवं रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण के कारण उन्होंने विशेष रूप से एनोरेक्टल रोगों के उपचार में एक विश्वसनीय पहचान स्थापित की है।
डॉ. कक्कड़ की विशेषज्ञता बवासीर (Piles), फिशर (Fissure in Ano), भगन्दर (Fistula in Ano), पाइलोनाइडल साइनस (Pilonidal Sinus) तथा आईबीएस (IBS) जैसे रोगों के उपचार में है। उन्होंने वर्षों के अनुभव में सैकड़ों जटिल मामलों का सफलतापूर्वक उपचार किया है, जिनमें ऐसे रोगी भी शामिल रहे जिन्हें पूर्व उपचारों से अपेक्षित लाभ नहीं मिला था। उनकी आयुर्वेदिक एवं क्षारसूत्र आधारित उपचार पद्धति से अनेक रोगियों को उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हुए तथा कई रोगियों ने दीर्घकालिक दवाओं पर निर्भरता कम की।
अपने पेशेवर जीवन में डॉ. कक्कड़ ने पूर्व आरएमओ, ऋषिकुल स्टेट आयुर्वेदिक पीजी कॉलेज एवं हॉस्पिटल, हरिद्वार; पूर्व आरएमओ, एचएमजी जिला चिकित्सालय, हरिद्वार; पूर्व आरएमओ, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, लालपुर (ऊधम सिंह नगर); पूर्व चिकित्सा अधिकारी, सीएमओ कार्यालय, रुद्रपुर; तथा पूर्व ईएमओ, नारायण हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, रुद्रपुर के रूप में सेवाएँ दी हैं। वर्तमान में वे कक्कर आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, रुद्रपुर के संस्थापक, सीईओ एवं मुख्य परामर्शदाता के रूप में कार्यरत हैं और विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।

GYNAECOLOGIST


डॉ. तनुजा राणा एक अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं। उन्होंने बी.ए.एम.एस. के साथ पंचकर्म, स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
वे पीसीओडी/पीसीओएस, अनियमित एवं दर्दनाक माहवारी, सफेद पानी, योनि संक्रमण, हार्मोनल असंतुलन, रजोनिवृत्ति, बांझपन तथा गर्भधारण से पहले की आयुर्वेदिक देखभाल में परामर्श एवं उपचार प्रदान करती हैं।
कक्कड़ आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में डॉ. तनुजा राणा आयुर्वेदिक औषधियों, सही आहार, जीवनशैली मार्गदर्शन और पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से महिलाओं को बेहतर एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में सहयोग देती हैं।
डॉ. तनुजा राणा पंचकर्म, स्वेदन, वमन, विरेचन, उत्तर बस्ती, निरूह बस्ती और अन्य आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से मरीजों को प्राकृतिक एवं प्रभावी उपचार प्रदान करती हैं ।
आपका स्वास्थ्य सही देखभाल और उचित मार्गदर्शन का हकदार है।




Ayurvedic Neuro Expert


डॉ. संजय सिंह एक अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं पंचकर्म तथा आयुर्वेद न्यूरो विशेषज्ञ हैं। उन्होंने B.A.M.S., D.I.P. और C.C.I.N. की योग्यता प्राप्त की है।
वे रीढ़ की हड्डी, स्लिप डिस्क, सर्वाइकल, गर्दन, कंधे, कमर, घुटनों और जोड़ों के दर्द, साइटिका, सिरदर्द, गठिया तथा AVN जैसी समस्याओं के आयुर्वेदिक उपचार में विशेषज्ञता रखते हैं।
डॉ. संजय सिंह पंचकर्म, स्वेदन, शिरोधारा, अग्नि कर्म चिकित्सा, कटि बस्ती, कप्पिंग थेरेपी ,जालौका चिकित्सा और अन्य आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से मरीजों को प्राकृतिक एवं प्रभावी उपचार प्रदान करते हैं।














